
पहाड़ के सीने को चीरकर विकास की सुरंगें तो बनाई जा रही हैं, लेकिन जब यही सुरंगें जिंदगी के लिए कब्र जैसी स्थिति पैदा कर दें तो सवाल सिर्फ हादसे का नहीं, सुरक्षा इंतजामों का भी उठता है। चमोली के पीपलकोटी क्षेत्र में टीएचडीसी की परियोजना से जुड़ी निर्माणाधीन DRT टनल में अचानक मलबा और पानी आने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे के वक्त सुरंग के भीतर मौजूद 20 से अधिक मजदूर मलबे के बीच फंस गए।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर हड़कंप मच गया। प्रशासन, एसडीआरएफ और अन्य बचाव टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं और सुरंग के भीतर फंसे मजदूरों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान शुरू किया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अब तक 10 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। सभी सुरक्षित निकाले गए मजदूरों को चिकित्सकीय जांच और उपचार के लिए जिला अस्पताल गोपेश्वर भेजा जा रहा है। वहीं, सुरंग के भीतर फंसे बाकी मजदूरों को बाहर निकालने के लिए बचाव दल लगातार जुटे हुए हैं।
अचानक मलबा और पानी आने से मची अफरा-तफरी
बताया जा रहा है कि निर्माणाधीन DRT टनल के भीतर अचानक मलबा और पानी आने से मजदूरों के बाहर निकलने का रास्ता बाधित हो गया। देखते ही देखते सुरंग के भीतर हालात गंभीर हो गए और बड़ी संख्या में मजदूर अंदर फंस गए।
पहाड़ में सुरंग निर्माण के दौरान भूगर्भीय परिस्थितियां लगातार चुनौती बनी रहती हैं। ऐसे में इस तरह की घटना ने एक बार फिर टनल निर्माण में मजदूरों की सुरक्षा और आपदा से निपटने की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
CM धामी ने दिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू के निर्देश
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव अभियान में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता टनल में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर NDRF और SDRF की टीमें भी रेस्क्यू अभियान में जुटाई गई हैं। जिला प्रशासन और तमाम संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्य तेजी से संचालित करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री स्वयं वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं और घटना की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं।
हर मिनट भारी, सुरंग के बाहर टिकीं निगाहें
इस वक्त पीपलकोटी में सुरंग के बाहर मजदूरों के परिजनों और स्थानीय लोगों की बेचैनी साफ दिखाई दे रही है। हर गुजरता मिनट चिंता बढ़ा रहा है। बचाव दल मलबे और पानी के बीच रास्ता बनाकर अंदर फंसे मजदूरों तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं।
10 मजदूरों का सुरक्षित बाहर निकलना राहत की बड़ी खबर है, लेकिन जब तक सुरंग के भीतर फंसे सभी मजदूर सुरक्षित बाहर नहीं आ जाते, तब तक रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म नहीं माना जा सकता।
हिमाल रैबार की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है।
