कभी–कभी किसी व्यक्ति का जीवन केवल उसके कर्मों से नहीं, बल्कि उसके स्वभाव, उसकी सोच और उसकी मिट्टी से जुड़ाव से महाकाव्य बन जाता है। […]
हिंदू राष्ट्र और गौ माता : – हमारी आस्था, हमारी पहचान।
नेपाल के पशुपतिनाथ और टिहरी के बोलांदा बद्री की परंपरा से सीख। भारत की आत्मा उसकी संस्कृति और अध्यात्म में बसती है। हजारों वर्षों से […]
शिक्षक दिवस : – गुरु-शिष्य परम्परा का अमर रिश्ता
गुरु-शिष्य परम्परा की जड़ें उतनी ही प्राचीन हैं जितना स्वयं भारत का इतिहास। यदि हम वेदों और उपनिषदों के युग में झाँकें तो पाएँगे कि […]
दरकते पहाड़ और ठहरती आस्था
“जहाँ गूंजते थे भजन, वहाँ अब गूंजती है गड़गड़ाहट, जहाँ बहती थी शांति, वहाँ अब बह रहा है भय का सन्नाटा। हिमालय की गोद में […]
नन्दा नगर – दरारों में समाती ज़िंदगियाँ, बर्बाद होता भविष्य
यह तस्वीरें केवल टूटे घरों और खिसके पहाड़ों की नहीं हैं, बल्कि उन सपनों की हैं जो बरसों की मेहनत से खड़े हुए थे और […]
रोज़ी-रोटी पर संकट: उत्तराखंड के छोटे ठेकेदारों की आवाज़ कौन सुनेगा?
परिवारों की चिंता और बच्चों का भविष्य उत्तराखंड के गांवों-कस्बों में काम करने वाले छोटे ठेकेदार केवल ठेकेदार नहीं हैं, बल्कि हजारों परिवारों की रोज़ी-रोटी […]
हिमालय की करुण पुकार विकास बनाम विनाश
पहाड़ केवल पत्थरों का ढेर नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा और जीवनदायिनी नदियों का उद्गम स्थल हैं। लेकिन बीते वर्षों में जिस तरह हिमालयी […]
हिन्दी पत्रकारिता दिवस: अतीत की नींव, वर्तमान की चुनौती, भविष्य की दिशा
भारत में हर वर्ष 30 मई को हिन्दी पत्रकारिता दिवस मनाया जाता है। यह दिन 1826 में हिन्दी के पहले समाचार पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ के […]
नन्दा देवी राजजात यात्रा : सिद्धपीठ कुरुड़ से प्रारंभ होने वाली हिमालयी आस्था की अद्वितीय पदयात्रा।
उत्तराखंड की हिमालयी वादियों में एक ऐसी दिव्य, दुर्लभ और दुरूह यात्रा है, जो केवल धार्मिक आस्था का प्रदर्शन नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की सांस्कृतिक, […]
बाबा केदार की गोद में उड़ानें और दुर्घटनाएं । आस्था, व्यवसाय और सुरक्षा का टकराव
बाबा,भोले का धाम केदारनाथ, न केवल एक धार्मिक तीर्थ है बल्कि आस्था, आत्मिक चेतना और कठिन तपस्या का प्रतीक भी है। लेकिन इस दिव्यता से […]
