कारगिल का अमर योद्धा: शहीद हिम्मत सिंह नेगी को बांसवाड़ा की भावभीनी श्रद्धांजलि

कारगिल विजय दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि भारत के उन अमर सपूतों के अदम्य साहस, त्याग और बलिदान का स्मरण है, जिन्होंने देश की […]

जिला जज की अदालत में प्रमोद नौटियाल की कस्टडी रिमांड पर निर्णायक सुनवाई आज

बद्रीनाथ चढ़ावा घोटाला श्री बद्रीनाथ धाम के चर्चित चढ़ावा चोरी एवं कथित गबन प्रकरण में अब कानूनी लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। मामले […]

पत्युड़ा: पैनखंडा की हरियाली का स्वाद, परंपरा का सम्मान और लोकज्ञान की अमूल्य धरोहर

उत्तराखण्ड के चमोली जनपद के जोशीमठ विकासखंड, जिसे लोकपरंपरा में पैनखंडा कहा जाता है, में हरेला पर्व से लेकर घी संक्रांति (ओलगिया) तक पूरे सावन […]

ज्योतिर्मठ में शिवशङ्कराचार्य स्वामिश्री का भव्य स्वागत एवं धार्मिक कार्यक्रम 

वैदिक परम्पराओं के संरक्षक एवं चारों धामों के शङ्कराचार्य पद की नींव में रहें परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामिश्री अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘1008’ महाराज का […]

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पथ संचलन: एक अनुशासित यात्रा राष्ट्र की ओर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर.एस.एस.) का नाम आते ही जो चित्र मन में उभरता है, वह है—खाकी गणवेश में अनुशासित पंक्ति में चलते हुए स्वयंसेवकों का। […]

मनुष्य को प्रकृती का मुफ्त उपहार और महत्व पूर्ण बन  औषधी  है बुरांस ( Rhododendron arboreum )का वृक्ष और फूल ।

बुरांस, जिसे वैज्ञानिक रूप से Rhododendron arboreum  जो , उत्तराखंड का राज्य वृक्ष और नेपाल का राष्ट्रीय पुष्प है। यह पौधा मुख्यतः हिमालयी क्षेत्रों में […]

गोरज्या माता मंदिर जहां भक्तों की होती है हर मुराद पूरी।

यह कथा गोरज्या माता मंदिर की लोककथात्मक उत्पत्ति और उस क्षेत्र में मां के अपूर्व चमत्कारों का वर्णन करती है। इस कथा में मंदिर के […]

माँ राजराजेश्वरी पैंखंडा, गडी भवानी जोशीमठ का मन्दिर

माँ राजराजेश्वरी पैंखंडा, गडी भवानी जोशीमठ का मन्दिर जिसकी शक्ति का अहसास राजा कनक पालको  हुवा  और माँ राजराजेस्वरी गडी भवानी को माना  अपनी आराध्या […]

भक्तों को आठों सिद्धियाँ प्रदान  करती है माँ सिद्धिदात्री ।

माँ सिद्धिदात्री नवदुर्गा के नौवें स्वरूप हैं। नवरात्रि के अंतिम दिन अर्थात नवमी तिथि को इनकी पूजा-अर्चना की जाती है। “सिद्धि” का अर्थ है – […]

भगवान शिब् को पति रूप मै कठोर तप कर बदन पड़ गया था काला, गंगा जल से नहा कर रुप हुआ गोरी  कहलायी महा गौरी ।

महा गौरी माता हिन्दू धर्म में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों में से आठवीं स्वरूप हैं। नवरात्रि के आठवें दिन इनकी पूजा की जाती है। […]