254 वर्षों की अविरल रावल परंपरा: राजा प्रदीप शाह की आस्था का अमर दीप

जब हिमालय की गहन नीरवता में बद्रीनाथ धाम की घंटियां गूंजती हैं, तो केवल श्रद्धालु ही नहीं, बल्कि इतिहास भी उसके स्वर में गूंजता है। […]