कभी–कभी किसी व्यक्ति का जीवन केवल उसके कर्मों से नहीं, बल्कि उसके स्वभाव, उसकी सोच और उसकी मिट्टी से जुड़ाव से महाकाव्य बन जाता है। […]
एक पुकार, एक संदेश
कभी–कभी किसी व्यक्ति का जीवन केवल उसके कर्मों से नहीं, बल्कि उसके स्वभाव, उसकी सोच और उसकी मिट्टी से जुड़ाव से महाकाव्य बन जाता है। […]