
कारगिल विजय दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि भारत के उन अमर सपूतों के अदम्य साहस, त्याग और बलिदान का स्मरण है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देकर इतिहास रच दिया। उत्तराखंड की वीरभूमि चमोली ने भी ऐसे ही एक महान सपूत अमर शहीद सिपाही हिम्मत सिंह नेगी को जन्म दिया, जिनका जीवन आज भी देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा का अनुपम उदाहरण है।
1 दिसंबर 1977 को चमोली जनपद में जन्मे सिपाही हिम्मत सिंह नेगी (सेवा संख्या 14703089) भारतीय सेना की 2 नागा बटालियन (The Naga Regiment) के जांबाज़ सैनिक थे। उन्होंने ऑपरेशन विजय (कारगिल युद्ध) के दौरान दुश्मनों से लोहा लेते हुए 7 जुलाई 1999 को मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके अद्वितीय साहस और वीरता के लिए भारत सरकार ने उन्हें ‘सेना मेडल’ से सम्मानित किया। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।

इन्हीं अमर बलिदानी को श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए 25 जुलाई 2026 को अमर शहीद हिम्मत सिंह नेगी इंटर कॉलेज, बांसवाड़ा (नंदानगर, चमोली) में कारगिल विजय दिवस पूरे उत्साह, गरिमा और राष्ट्रभक्ति के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में थराली के विधायक भोपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष बीना देवी रौतेला, जिला पंचायत सदस्य महेंद्र सिंह नेगी, भाजपा मंडल अध्यक्ष कृपाल सिंह बिष्ट सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ शहीद हिम्मत सिंह नेगी और माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ।
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण वह था जब शहीद हिम्मत सिंह नेगी के परिजनों को मंच पर सम्मानित किया गया। यह सम्मान केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि उस मातृशक्ति और उस परिवार के त्याग का सम्मान था, जिसने देश को अपना लाल समर्पित किया। उपस्थित जनसमूह ने खड़े होकर अमर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मेला समिति के अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह नेगी ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि शहीदों की स्मृति केवल इतिहास की किताबों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि नई पीढ़ी के चरित्र निर्माण का आधार बननी चाहिए। विद्यालय के प्रधानाचार्य बालक सिंह भंडारी ने विद्यालय की उपलब्धियों के साथ-साथ संस्थान की समस्याओं को भी जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखा और उनके समाधान की अपेक्षा की।
कार्यक्रम में प्राथमिक विद्यालय, जूनियर हाई स्कूल, अमर शहीद हिम्मत सिंह नेगी इंटर कॉलेज बांसवाड़ा तथा राजकीय इंटर कॉलेज दुर्ग के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। महिला मंगल दलों ने अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों से समारोह को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की। वर्ष 2025 एवं 2026 की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया, जिससे विद्यार्थियों का उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ा।

समारोह के दौरान ग्राम सभा बांसवाड़ा को आदर्श गांव बनाने की मांग उठाई गई तथा इस संबंध में सांसद अनिल बलूनी के नाम ज्ञापन भी प्रेषित किया गया। इस अवसर पर विधायक भोपाल राम टम्टा एवं जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट ने बांसवाड़ा में हेलीपैड निर्माण की घोषणा कर क्षेत्रवासियों को एक महत्वपूर्ण सौगात देने का आश्वासन दिया। यदि यह घोषणा समयबद्ध रूप से धरातल पर उतरती है, तो यह क्षेत्र के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगी।
इस कार्यक्रम में अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों की शिक्षा का दायित्व उठाते हुए उनकी फीस देने की घोषणा भी की। यह पहल बताती है कि समाज जब शिक्षा के लिए आगे आता है, तब विकास की नई राहें खुलती हैं।
हालाँकि, इस भव्य आयोजन के बीच एक महत्वपूर्ण सवाल भी सामने आया। ग्राम सभा बांसवाड़ा की जनता ने खेद व्यक्त किया कि पूर्व सूचना देने के बावजूद जिलाधिकारी चमोली द्वारा इस अवसर पर बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन नहीं कराया गया। यदि ऐसा शिविर आयोजित होता तो दूरस्थ क्षेत्र की जनता को अनेक सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिल सकता था। शहीदों के सम्मान से जुड़े ऐसे अवसरों पर प्रशासन की सक्रिय भागीदारी जनता की अपेक्षा भी होती है।
आज आवश्यकता केवल शहीदों के नाम पर कार्यक्रम आयोजित करने की नहीं, बल्कि उनके सपनों के भारत का निर्माण करने की है। शहीदों के गांव शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और आधुनिक सुविधाओं के मॉडल बनें—यही उनके बलिदान का वास्तविक सम्मान होगा।
कारगिल की चोटियों पर बहा शहीद हिम्मत सिंह नेगी का रक्त भारत की अस्मिता और स्वाभिमान का प्रतीक है। जब तक हिमालय अडिग खड़ा रहेगा, तब तक इस वीर सपूत का नाम श्रद्धा, सम्मान और गर्व के साथ लिया जाता रहेगा।
जय हिंद।
अमर शहीद सिपाही हिम्मत सिंह नेगी अमर रहें। 🇮🇳
