
हिमालय की दिव्य वादियों में विराजमान भगवान श्री बद्री विशाल का धाम केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। गुरु पूर्णिमा जैसे पावन अवसर पर जब जनप्रतिनिधि भी अपने दायित्वों के साथ ईश्वर के श्रीचरणों में नतमस्तक होकर जनकल्याण की कामना करते हैं, तो यह केवल व्यक्तिगत श्रद्धा नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति उनकी जिम्मेदारी का भी प्रतीक बन जाता है।
इसी पावन अवसर पर चमोली जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट ने श्री बद्रीनाथ धाम पहुंचकर भगवान श्री बद्री विशाल के दर्शन किए तथा विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना कर जनपद चमोली, उत्तराखंड और पूरे देश की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने भगवान बद्री विशाल से प्रार्थना की कि प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर रहे, देश समृद्ध बने और प्रत्येक नागरिक का जीवन सुख, स्वास्थ्य, सद्भाव एवं आत्मविश्वास से परिपूर्ण हो।
दौलत सिंह बिष्ट ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल गुरु के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का पर्व नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार, सेवा और आत्मचिंतन का महापर्व है। भारतीय संस्कृति में गुरु को ईश्वर से भी श्रेष्ठ स्थान दिया गया है, क्योंकि गुरु ही जीवन को अज्ञान के अंधकार से निकालकर सत्य और प्रकाश के मार्ग पर ले जाते हैं। ऐसे पावन दिन पर भगवान बद्री विशाल के दर्शन करना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य और आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और भगवान बद्री विशाल की कृपा से यह भूमि सदैव आध्यात्मिक चेतना, संस्कृति और सेवा की प्रेरणा देती रही है। आज आवश्यकता है कि समाज में प्रेम, भाईचारा, नैतिकता और राष्ट्रहित की भावना को और अधिक मजबूत किया जाए। यही गुरु पूर्णिमा का वास्तविक संदेश भी है।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने प्रदेशवासियों, देशवासियों और सभी श्रद्धालुओं को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्री बद्री विशाल की असीम कृपा सभी पर बनी रहे, प्रत्येक परिवार में सुख-शांति का वास हो तथा समाज निरंतर प्रगति और समृद्धि की ओर अग्रसर हो।
अंत मै उन्होंने श्रद्धा और विश्वास के साथ “ॐ नमो नारायण” का उद्घोष करते हुए संपूर्ण मानवता के कल्याण, विश्व शांति और राष्ट्र की उन्नति के लिए भगवान श्री बद्री विशाल से मंगलकामना की।
