कार्तिक स्वामी मंदिर, उत्तर भारत का एकमात्र मंदिर जहाँ भगवान कार्तिकेय बालक रूप में विराजमान हैं ।

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित क्रौंच पर्वत पर समुद्र तल से लगभग 3,048 मीटर की ऊँचाई पर कार्तिक स्वामी मंदिर स्थित है। यह मंदिर भगवान शिव के ज्येष्ठ पुत्र, भगवान कार्तिकेय को समर्पित है और उत्तर भारत में उनका एकमात्र प्रमुख मंदिर माना जाता है। जहाँ इनकी बाल रूप मै पूजा की जाती है।

 हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, एक बार भगवान शिव ने अपने दोनों पुत्रों, कार्तिकेय और गणेश, को ब्रह्मांड के सात चक्कर लगाने की प्रतियोगिता दी। गणेश जी ने अपनी बुद्धिमत्ता से माता-पिता के चारों ओर परिक्रमा कर यह प्रतियोगिता जीत ली, जिससे कार्तिकेय जी क्रोधित हो गए और उन्होंने अपने शरीर का मांस माता-पिता के चरणों में समर्पित कर, हड्डियों का ढांचा लेकर क्रौंच पर्वत पर चले गए। कहा जाता है कि उनकी हड्डियाँ आज भी इस मंदिर में मौजूद हैं, जिनकी पूजा करने के लिए भक्त यहाँ आते हैं。 

 मंदिर तक पहुँचने के लिए रुद्रप्रयाग से लगभग 40 किलोमीटर दूर कनकचौरी गाँव तक सड़क मार्ग से पहुँचा जा सकता है। वहाँ से लगभग 3 किलोमीटर का पैदल ट्रेक है, जो सुंदर बाँज और बुरांश के जंगलों से होकर गुजरता है। यह मार्ग प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है और ट्रेकिंग प्रेमियों के लिए आकर्षक है。 

 मंदिर से हिमालय की प्रमुख चोटियों जैसे चौखंबा, केदारनाथ डोम, नीलकंठ, नंदा देवी आदि का मनोरम दृश्य देखा जा सकता है। यह स्थान न केवल धार्मिक, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी प्रसिद्ध है, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों को समान रूप से आकर्षित करता है。 

 हाल ही में, उत्तराखंड सरकार ने कनकचौरी से कार्तिक स्वामी मंदिर तक 1.4 किलोमीटर लंबे रोपवे के निर्माण की योजना बनाई है, जिससे श्रद्धालुओं की यात्रा और भी सुगम हो जाएगी । 

 भगवान कार्तिक स्वामी मंदिर में इस वर्ष भी एक विशेष धार्मिक आयोजन होने जा रहा है। 12 मई को मंदिर परिसर में 108 बालमपुरी शंख पूजा और हवन का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस भक्ति और आस्था से परिपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन पर्यटन विकास परिषद उत्तराखंड, जिला प्रशासन और मंदिर समिति के संयुक्त तत्वाधान में किया जा रहा है।कार्यक्रम की विशेष बात यह है कि इसमें तमिलनाडु के प्रमुख मंदिरों, माईलम एथेनम, कूनमपट्टी एथेनम, कौमारा मुत्त एथेनम और श्रृंगेरी मुत्तू आदि के शिवाचार्य शामिल होंगे। सभी शिवाचार्यगण विशेष पूजा-अर्चना, शंख पूजन और हवन अनुष्ठान संपन्न कराएंगे। 

आयोजन की तयारियों का जायजा लेने रविवार को पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे ने स्वयं कार्तिक स्वामी मंदिर पहुंचे  । उन्होंने मंदिर परिसर और आसपास की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और पर्यटन विभाग के अधिकारियों तथा मंदिर समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। सचिव पर्यटन ने स्पष्ट किया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूर्ण की जाएं।उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी आयोजन को विशेष स्वरूप में किया जा रहा है, ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त कर सकेंगे । सचिव सचिन कुर्वे ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और मूलभूत आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *