माँ सिद्धिदात्री नवदुर्गा के नौवें स्वरूप हैं। नवरात्रि के अंतिम दिन अर्थात नवमी तिथि को इनकी पूजा-अर्चना की जाती है। “सिद्धि” का अर्थ है – […]
भगवान शिब् को पति रूप मै कठोर तप कर बदन पड़ गया था काला, गंगा जल से नहा कर रुप हुआ गोरी कहलायी महा गौरी ।
महा गौरी माता हिन्दू धर्म में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों में से आठवीं स्वरूप हैं। नवरात्रि के आठवें दिन इनकी पूजा की जाती है। […]
रक्त बीज का बध कर देबताओं को राक्षसों के भय से मुक्ति दिलाई थी माँ काली ने।
नवरात्रि के सातवें दिन माँ दुर्गा के सप्तम स्वरूप माँ काली की (कालरात्रि )की पूजा की जाती है। माँ काली को अत्यंत क्रूर दुष्टों का […]
महिषासुर मर्दिनी हैँ माँ कात्यायनी: शक्ति की छठी स्वरूपा
माँ कात्यायनी देवी दुर्गा के नौ रूपों में से छठा स्वरूप हैं। नवरात्रि के छठे दिन माँ कात्यायनी की पूजा-अर्चना की जाती है। इन्हें महिषासुर […]
माँ स्कंदमाता: शक्ति और वात्सल्य की देवी । नवरात्रि के पाँचवें दिन माँ दुर्गा के पंचम स्वरूप माँ स्कंदमाता की पूजा की जाती है।
नवरात्रि के पाँचवें दिन माँ दुर्गा के पंचम स्वरूप माँ स्कंदमाता की पूजा की जाती है। यह देवी शक्ति और वात्सल्य की प्रतीक मानी जाती […]
माँ चन्द्रघण्टा, देवी दुर्गा के नौ रूपों में से तीसरा स्वरूप । भक्तों को साहस प्रदान कर हर मुराद पूरी करती है माँ चन्द्रघण्टा
माँ चन्द्रघण्टा, देवी दुर्गा के नौ रूपों में से तीसरा स्वरूप हैं। नवरात्रि के तीसरे दिन इनकी पूजा की जाती है। इनका नाम ‘चन्द्रघण्टा’ इस […]
संयमित और शान्त स्वरुप की देबी है माँ ब्रह्मचारिणी । नवरात्रि के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी, नवदुर्गा के दूसरे स्वरूप के रूप में पूजी जाती हैं।
माँ ब्रह्मचारिणी, नवदुर्गा के दूसरे स्वरूप के रूप में पूजी जाती हैं। नवरात्रि के दूसरे दिन इनकी आराधना की जाती है। ये तप, साधना और […]
चैत्र नवरात्रि और माँ शैलपुत्री । चैत्र नवरात्रि का पहला दिन माँ शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित
चैत्र नवरात्रि का पहला दिन माँ शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित होता है। माँ शैलपुत्री, देवी माँ दुर्गा का प्रथम स्वरूप हैं और इनका […]
सुबह सुबह पीजीए बद्रीनाथ जी वाली तुलसी ग्रीन टी
तुलसी ग्रीन टी पीने से कई तरह के फ़ायदे होते हैं. इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ़्लेमेटरी, और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं. तुलसी और ग्रीन टी दोनों ही […]
चंद्रा की सब्जी खाएँ अपने रोगों को भगायें
हिमालय क्षेत्र में ऐसे कई स्वास्थ्य वर्धक वनस्पतियाँ होती हैं जिनका स्थानीय लोग सैकड़ो वर्षों से औषधि के रूप में सेवन करके अपने रोगों को […]
