
उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध श्री बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दानपात्र की धनराशि में कथित गड़बड़ी के मामले में विशेष जांच दल (SIT) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। शुक्रवार को SIT ने इस बहुचर्चित मामले में तीसरी गिरफ्तारी करते हुए हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के नूरपुर निवासी मनोज कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी को लामबगड़ स्थित जेपी कंपनी परिसर से हिरासत में लेकर कोतवाली बद्रीनाथ लाया गया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
इससे पहले 2 जुलाई को तत्कालीन प्रोटोकॉल अधिकारी प्रमोद नौटियाल और पूर्व मंदिर अधिकारी (टीओ) राजेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार किया गया था। दोनों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ी, जिसके बाद SIT की नजर थाली-भेंट गणना कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग पर गई।
जांच टीम ने कई दिनों तक सीसीटीवी फुटेज का सूक्ष्म परीक्षण किया। इसी दौरान फुटेज में मनोज कुमार की गतिविधियां संदिग्ध दिखाई दीं। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर SIT ने उसकी भूमिका की पुष्टि करते हुए गिरफ्तारी की कार्रवाई की।
श्रद्धालुओं द्वारा भगवान बदरीविशाल को अर्पित किया गया चढ़ावा केवल आर्थिक नहीं बल्कि गहरी धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में इस धनराशि में कथित अनियमितता का मामला सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में इसकी गंभीर चर्चा हो रही है। यही कारण है कि सरकार ने मामले की जांच SIT को सौंपी, ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरे प्रकरण का खुलासा हो सके।
पुलिस अधीक्षक एवं SIT प्रभारी सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि जांच अभी जारी है। सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेजी साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
अब सबकी निगाहें SIT की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि तीसरी गिरफ्तारी के बाद जांच एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।
