बद्रीधाम का समर्पित सिपाही: ऋषि प्रसाद सती की तपस्या से निखरी आस्था की आलोक-गाथा

संघ की शाखा से लेकर श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष बनने तक का सफर किसी चमत्कार से कम नहीं लगता, परंतु यह चमत्कार किसी […]

भाग 3: अंतर्धान – जब बद्रीनाथ भगवान जी चले तिब्बत की ओर। 

बद्रीनाथ धाम, जहाँ हिमालय की गोद में नारायण स्वयं ध्यानमग्न रहते हैं – एक ऐसा स्थान जहाँ देवता भी तीर्थ करते हैं। लेकिन क्या हो […]

लाटू धाम वाँण: रहस्य, आस्था और मातृभाव की अमिट परंपरा

उत्तराखंड के चमोली जनपद के देवाल विकास खण्ड में स्थित है एक दिव्य और रहस्यमयी स्थल – लाटू धाम वाँण। समुद्र तल से लगभग 2,600 […]

भाग 2: थोलिंग मठ – जहाँ गूंजा बद्रीनाथ का स्वर

तिब्बत की शुष्क और ठंडी वादियों में, कैलास मानसरोवर की पवित्रता से कुछ ही दूरी पर बसा है एक रहस्यमय स्थल – थोलिंग मठ। ऊँचाई […]

भाग 1: थोलिंग मठ और भगवान बद्रीनाथ की अद्भुत यात्रा: एक पौराणिक गाथा। 

हिमालय – यह केवल पर्वत नहीं, बल्कि देवताओं का निवास है। इसके शिखरों पर ऋषियों की साधना गूंजती है, और घाटियों में दैवी कथाएँ बहती […]

कुँवर प्रसून: उत्तराखंड के जनचेतना के अग्रदूत

कुँवर प्रसून न केवल एक प्रखर पत्रकार थे, बल्कि उत्तराखंड के पर्यावरण, समाज और संस्कृति के लिए एक समर्पित योद्धा भी थे। उनकी लेखनी में […]

माँ गंगा: हिमालय की गोद से भागीरथ की पुकार तक ।

जहाँ हिमालय की चुप्पी टूटी, वहीं गंगा ने पहला गीत गाया।  उत्तराखण्ड की देवभूमि में एक ऐसा स्थान है जहाँ धरती ने पहली बार दिव्यता […]

विजय जड़धारी: बीजों के सच्चे रखवाले और खेती के क्रांतिकारी संत।

जब देश में हरित क्रांति के नाम पर बीज, खाद और कीटनाशकों के बाज़ार का बोलबाला था, तब उत्तराखंड की टिहरी घाटियों में एक किसान […]

बाबा भकुंट भैरवनाथ: केदारभूमि के रक्षक देवता।

उत्तराखंड की दिव्य और अलौकिक भूमि, देवभूमि केदारनाथ में जब बाबा केदार के कपाट खुलते हैं, तो उनके साथ-साथ एक और महान देवता के दरवाज़े […]

उर्वा ऋषि मंदिर: उर्गम घाटी का आध्यात्मिक हृदय

हिमालय की पावन गोद में बसा उर्गम घाटी उत्तराखण्ड के चमोली जिले के जोशीमठ विकासखंड का एक दुर्लभ आध्यात्मिक और प्राकृतिक रत्न है। यह घाटी […]