नेपाल के पशुपतिनाथ और टिहरी के बोलांदा बद्री की परंपरा से सीख। भारत की आत्मा उसकी संस्कृति और अध्यात्म में बसती है। हजारों वर्षों से […]
शिक्षक दिवस : – गुरु-शिष्य परम्परा का अमर रिश्ता
गुरु-शिष्य परम्परा की जड़ें उतनी ही प्राचीन हैं जितना स्वयं भारत का इतिहास। यदि हम वेदों और उपनिषदों के युग में झाँकें तो पाएँगे कि […]
दरकते पहाड़ और ठहरती आस्था
“जहाँ गूंजते थे भजन, वहाँ अब गूंजती है गड़गड़ाहट, जहाँ बहती थी शांति, वहाँ अब बह रहा है भय का सन्नाटा। हिमालय की गोद में […]
नन्दा नगर – दरारों में समाती ज़िंदगियाँ, बर्बाद होता भविष्य
यह तस्वीरें केवल टूटे घरों और खिसके पहाड़ों की नहीं हैं, बल्कि उन सपनों की हैं जो बरसों की मेहनत से खड़े हुए थे और […]
खेलों का उत्सव – ज्योतिर्मठ से उठती नई प्रेरणा
29 अगस्त यह तारीख केवल कैलेंडर की एक तारीख भर नहीं है, बल्कि भारतीय खेल इतिहास का गौरव है। यही वह दिन है जब देश […]
रोज़ी-रोटी पर संकट: उत्तराखंड के छोटे ठेकेदारों की आवाज़ कौन सुनेगा?
परिवारों की चिंता और बच्चों का भविष्य उत्तराखंड के गांवों-कस्बों में काम करने वाले छोटे ठेकेदार केवल ठेकेदार नहीं हैं, बल्कि हजारों परिवारों की रोज़ी-रोटी […]
हिमालय की करुण पुकार विकास बनाम विनाश
पहाड़ केवल पत्थरों का ढेर नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा और जीवनदायिनी नदियों का उद्गम स्थल हैं। लेकिन बीते वर्षों में जिस तरह हिमालयी […]
“मनोज की खामोशी में गूंज रहा है पहाड़ का सवाल”
एक युवा की रहस्यमयी मौत और नंदानगर की न्याय के लिए लड़ाई उत्तराखंड की शांत वादियों में बसी नंदानगर घाटी आज एक गहरी टीस के […]
हरेला: उत्तराखंड की आत्मा में हरियाली का गीत
जब धरती सांस लेती है हरियाली में गुनगुनाती हैं, whose पर्वत ऋषियों की तपस्थली हैं, और जिसकी वादियाँ लोकगीतों से सराबोर रहती हैं। यहाँ का […]
मनोज अब नहीं रहा… पर न्याय की पुकार अब पूरे नंदानगर की आवाज़ बन चुकी है”
15 दिन बाद जंगल से मिला शव, और अब न्याय के लिए सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब एक युवक रोजगार की तलाश में गया था… और […]
