पहाड़ केवल पत्थरों का ढेर नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा और जीवनदायिनी नदियों का उद्गम स्थल हैं। लेकिन बीते वर्षों में जिस तरह हिमालयी […]
“मनोज की खामोशी में गूंज रहा है पहाड़ का सवाल”
एक युवा की रहस्यमयी मौत और नंदानगर की न्याय के लिए लड़ाई उत्तराखंड की शांत वादियों में बसी नंदानगर घाटी आज एक गहरी टीस के […]
हरेला: उत्तराखंड की आत्मा में हरियाली का गीत
जब धरती सांस लेती है हरियाली में गुनगुनाती हैं, whose पर्वत ऋषियों की तपस्थली हैं, और जिसकी वादियाँ लोकगीतों से सराबोर रहती हैं। यहाँ का […]
मनोज अब नहीं रहा… पर न्याय की पुकार अब पूरे नंदानगर की आवाज़ बन चुकी है”
15 दिन बाद जंगल से मिला शव, और अब न्याय के लिए सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब एक युवक रोजगार की तलाश में गया था… और […]
“जब पूरा नंदानगर सड़कों पर उतर आया — एक बेटे की मौत का जवाब मांगने”
एक जनचेतना जो अब आंदोलन बन चुकी है “मनोज कहाँ गया?” अब नहीं — “मनोज को किसने मारा?” यह सवाल हर दिल में है। 29 […]
“एक और मनोज चला गया… और हम सब खामोश रह गए”
एक मार्मिक अपील – इंसाफ के लिए “मनोज कहाँ गया?” — अब यह सवाल नहीं रहा, अब यह चीख बन चुका है। 29 जून 2025 […]
बहुत देर कर दी हुज़ूर आते-आते
जब एक माँ का लाल खो जाता है, तो पहाड़ की हर चोटी चुप हो जाती है, और हर घाटी पूछती है — मनोज कहाँ […]
“मनोज कहाँ चला गया? एक सवाल जो गूंज रहा है पहाड़ की घाटियों में”
ये कोई फिल्म की कहानी नहीं है। ये कोई मनगढ़ंत स्क्रिप्ट भी नहीं। ये हकीकत है — एक मासूम पहाड़ी लड़के की, जिसका नाम है […]
हिन्दी पत्रकारिता दिवस: अतीत की नींव, वर्तमान की चुनौती, भविष्य की दिशा
भारत में हर वर्ष 30 मई को हिन्दी पत्रकारिता दिवस मनाया जाता है। यह दिन 1826 में हिन्दी के पहले समाचार पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ के […]
सादगी में छिपा संस्कार: डीएम संदीप तिवारी और डॉक्टर पूजा डालाकोटी की विवाह गाथा।
जब दुनिया दिखावे की चकाचौंध में उलझी हो, और शादियों को सामाजिक स्टेटस प्रदर्शित करने का माध्यम समझा जाने लगे, तब कोई एक ऐसा भी […]
